Achyutam Keshavam : Achyutashtakam In Sanskrit

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Achyutam Keshavam

‘Achyutam Keshavam’ bhajan is composed with words, praising Lord Krishna. The original song is Achyutam Keshavam Krishna Damodaram, Rama Narayanam Janaki Ballabham. This is a prayer praising The Lord Krishna with his different names. Achyutam means the Infallible one. Keshavam means the killer of the demon Keshi which is Krishna. The name Damodaram has two words – Dam means rope and udaram means belly, so the damodaram means the one who was bound on belly by rope. This pastime of Krishna is also known as Ukhal Bandhan Leela.

Achyutashtakam – अच्युतस्याष्टकम्

Achyutashtakam Stotra composed by Shri Adi guru Shankaracharya on Shri Vishnu, Krishna and Shri Ram. Sankaracharya reinstalled the Vishnu idol in the temple close to River Poorna, in Kaladi, Kerala,  at the age of 8 before leaving home for meeting with his Guru Govinda Bhagavathpadar in Omkareswar. The idol at its then location was getting submerged in water. Sankaracharya reinstalled the idol at a higher level so that it will not submerge and then offered prayers using this Ashtakam. Recitation of Vishnu Stotra / Mantra daily helps to get rid of negative influences of different Dosha and helps in achieving strength, Protection, spiritual growth, economic prosperity, uplift of wisdom, and fulfillment of desire.

Achyutam Keshavam in Sanskrit

अच्युतं केशवं राम नारायणं कृष्ण दामोदरं वासुदेवं हरिम् ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकी नायकं रामचंद्रं भजे ॥१॥

अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् ।
इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकी नन्दनं नन्दजं सन्दधे ॥२॥

विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे रुक्मिणि रागिने जानकी जानये ।
बल्लवी वल्लभायार्चितायात्मने कंस विध्वंसिने वंशिने ते नमः ॥३॥

कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे ।
अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक ॥४॥

राक्षस क्षोभितः सीतया शोभितो दण्डकारण्य भू पुण्यता कारणः ।
लक्ष्मणेनान्वितो वानरौः सेवितोऽगस्तसम्पूजितो राघव पातु माम् ॥५॥

धेनुकारिष्टकोऽनिष्टकृद्द्वेषिणां केशिहा कंस हृद्वंशिका वादकः ।
पूतना कोपकः सूरजा खेलनो बाल गोपालकः पातु मां सर्वदा ॥६॥

विद्युदुद्योतवानप्रस्फुरद्वाससं प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम् ।
वन्यया मालया शोभितोरःस्थलं लोहिताङ्घ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे ॥७॥

कुञ्चितैः कुन्तलैर्भ्राजमानाननं रत्न मौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयोः ।
हार केयूरकं कङ्कणप्रोज्ज्वलं किङ्किणीमञ्जुलं श्यामलं तं भजे ॥८॥

फलस्तुति
अच्युतस्याष्टकं यः पठेदिष्टदं प्रेमतः प्रत्यहं पूरुषः सस्पृहम् ।
वृत्ततः सुन्दरं कर्तृ विश्वंभरं तस्य वश्यो हरिर्जायते सत्वरम् ॥९॥

इति श्रीमच्छंकराचार्यकृतमच्युताष्टकं सम्पूर्णम्।

Achyutam Keshavam Rama Narayanam Lyrics In English

Acyutam Keshavam Raama Naaraayannam
Krssnna Daamodaram Vaasudevam Harim।
Shrii Dharam Maadhavam Gopikaa Vallabham
Jaanakii Naayakam Raamacamdram Bhaje॥

Acyutam Keshavam Satyabhaamaa Dhavam
Maadhavam Shrii Dharam Raadhika [A]araadhitam।
Indiraa Mandiram Cetasaa Sundaram
Devakii Nandanam Nanda Jam San Dadhe॥2॥

Vissnnave Jissnnave Shaangkhine Cakrinne
Rukminni Raaginne Jaanakii Jaanaye।
Ballavii Vallabhaay Aarcitaay Aatmane
Kamsa Vidhvamsine Vamshine Te Namah॥3॥

Krssnna Govinda He Raama Naaraayanna
Shrii Pate Vaasudeva Ajita Shrii Nidhe।
Acyuta Ananta He Maadhava Adhokssaja
Dvaarakaa Naayaka Draupadii Rakssaka॥4॥

Raakssasa Kssobhitah Siitayaa Shobhito
Dannddakaarannya Bhuu Punnyataa Kaarannah।
Lakssmannen Aanvito Vaanarauh Sevito Rasta Sampuujito
Raaghava Paatu Maam॥5॥

Dhenuka Arissttaka Anisstta Krd Dvessihaa
Keshihaa Kamsa Hrd Vamshikaa Vaadakah।
Puutanaa Kopakah Suura Jaa Khelano
Baala Gopaalakah Paatu Maam Sarvadaa॥6॥

Vidyud Udyota Vat Prasphurad Vaasasam
Praavrdd Ambhoda Vat Prollasad Vigraham।
Vanyayaa Maalayaa Shobhito[a U]rahsthalam
Lohita Angghri Dvayam Vaarija Akssam Bhaje॥7॥

Kun.citaih Kuntalair Bhraajamaana Ananam
Ratna Maulim Lasat Kunnddalam Gannddayoh।
Haara Keyuurakam Kangkanna Projjvalam
Kingkinnii Man.julam Shyaamalam Tam Bhaje॥8॥

Acyutasyaassttakam Yah Patthed Isstta Dam
Prematah Pratyaham Puurussah Sasprham।
Vrttatah Sundaram Kartr Vvishvambharas Tasya
Vashyo Harirjaayate Satvaram॥9॥

Achyutashtakam – Achyutam Keshavam Ramanarayanam | अच्युतस्याष्टकम् – अच्युतं केशवं रामनारायणं

Achyutam Keshavam Sanskrit

Achyutashtakam is a simple yet wonderful hymn of eight stanzas comprising the names of lord vishnu with main emphasis on his incarnations Rama and Krishna. This easy to sing hymn of wonderful metre was composed by Acharya Shankara Bhagavadpada. The names indicate various divine qualities of Lord Vishnu and glorify his great deeds. Acharya Shankara bhagavadpada compiles a collection of names of Lord Vishnu containing deep meaning in them and remind us of the great pastimes of the lord narrated in the Puranas. They also remind us the beauty of his forms and help us visualize and contemplate on him.This book is an effort to put light of meaning of each name from this hymn and also narrate in short the incidents the names indicate or relate to. The names in this hymn are compiled from Vedas, Puranas, upanishads, Vishnu Sahasranama and mantra shastras. Some of the names are repeated more than one time. When it comes to praising the lord’s name repetition is not seeing as an error. Some names are repeated for its greatness and glory and the names value as a mantra. At places, I have indicated the value of the names given in this hymn by naming the sources in which the names are used as mantras. This is done to emphasize the kindness of acharya Shankara Bhagavadpada who compiled this wonderful hymn of names and to emphasize the importance of the names used in this hymn.

Lord Krishna Jhulan Yatra

Achyutam Keshavam Rama Narayanam Meaning In Hindi

हे कृष्णा दामोदर ! मै अचुत्य की आराधना करता हूँ जो अमोघ शक्ति प्रदाता है। मै केशव की आराधना करता हूँ जिन्होंने केशी नामक दुष्ट का संहार किया था। मै भगवान श्री रामचंद्र की आराधना करता हूँ जो भगवान नारायण के जो अवतार है।
मै कृष्णा की आराधना करता हूँ जो अपनी दैवीय शक्तियों और सुंदरता से दुसरो को आकर्षित करते है। जिन्हे दामोदर के नाम से जानते है। मै वासुदेव की आराधना करता हूँ, मै हरी की आराधना करता हूँ (जो पापो का नाश करते है और सुख प्रदान करते है )।
मै श्रीधर की आराधना करता हूँ, मै माधव की आराधना करता हूँ। मै ईश्वर की आराधना करता हूँ जो गोपियों के सर्व प्रिय थे।
मै भगवान श्री रामचंद्र जी की आराधना करता हूँ माता जानकी के प्रभु है।।1।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै अचुत्य की आराधना करता हूँ मै केशव की आराधना करता हूँ। मै उस ईश्वर की आराधना करता हूँ जो सत्यभामा के प्रभु है।
मै माधव की आराधना करता हूँ। मै श्रीधर की आराधना करता हूँ, मै उस ईश्वर की आराधना करता हूँ जिन्हे देवी राधिका पूजा करती है ।
मै उस ईश्वर की आराधना करता हूँ, जिनके हृदय में इंदिरा का मंदिर है। मै उनकी आराधना करता हूँ जिनके पास एक सुन्दर वैभव है।
मै देवकी पुत्र की आराधना करता हूँ, मै उनकी आराधना करता हूँ नन्द के पुत्र हुए।। 2 ।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै विष्णु की आराधना करता हूँ, मै जिष्णु की आराधना करता हूँ। मै उनकी आराधना करता हूँ जिनके हाँथ में शंख है, मै उनकी आराधना करता हूँ जिनके हाथ में चक्र है ।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जो देवी रुक्मिणी के प्रिय है, और मै उनकी आराधना करता हूँ जिनकी पत्नी माता देवी जानकी है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जो वृन्दावन की गोपियों के हृदय में प्रिय है। मै उनकी आराधना करता हूँ जिन्होंने कंश का वध कर दिया जो अपनी सुन्दर बांसुरी के ध्वनि से मनमोहित करते ह।। 3।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै भगवान कृष्णा की आराधना करता हूँ जो गोविन्द के अवतार है जिन्हे वेदो के माध्यम से जाना जाता है । मै भगवान राम की आराधना करता हूँ जो भगवान नारायण के अवतार है ।
मै श्रीपति की आराधना करता हूँ, मै वासुदेव की आराधना करता हूँ, मै श्रीनिधि आपकी आराधना करता हूँ।
मै हे अचुत्य आपकी आराधना करता हूँ जो अनंत है। मै माधव आपकी आराधना करता हूँ। जो अधोक्षज के अवतार है।
मै द्वारका के नाथ की आराधना करता हूँ जिन्होंने द्रौपदी के चीर हरण के समय रक्षा की थी।। । 4।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै राक्षसों के भक्षक प्रभु श्री राम की आराधना करता हूँ, मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके साथ माता सीता विभूषित है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिन्होंने दंडकारण्य की भूमि को राक्षसों से मुक्त किया था।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनकी भगवान लक्ष्मण (शेषनाग) के अवतार और जिनकी वानरों ने सेवा की है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिन्हे मुनि अगस्त्य ने आराधना की है। हे राघव रक्षा कीजिये।। 5।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै भगवान की आराधना करता हूँ जिन्होंने असुर धेनुका (गधे का rup) को मारा था और जिन्होंने अरिष्टक (बैल का रूप) को मारा था जो असुर मनसा के थे।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिन्होंने केशी का वध किया था। केशी ने घोड़े का रूप धारण किया था। जिन्होंने कंस के भी प्राण हर लिए थे। मै भगवान की आराधना करता हूँ जो सुन्दर और मधुर ध्वनि के संरक्षक है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिन्होंने पूतना का वध किया था। जिन्होंने यमुना नदी के किनारे खेला है यमुना नदी भगवान सूर्य की पुत्री है।
मै भगवान बाल गोपाल की आराधना करता हूँ, कृपया हमेशा रक्षा करिये।। 6।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके वस्त्र आकाश में चमकने वाली बिजली की तरह सुशोभित है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जो सुन्दर कलाओ की तरह है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके सीने में वनमाला है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ, जिनके पैर सुन्दर लाल है और जिनकी आंखे कमल की तरह सुन्दर है।। 7।।

हे कृष्णा दामोदर ! मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके चेहरा चमक रहा है और घुंगराले बाल है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जो हीरे की तरह चमक रहे है, और जिनका चेहरे पर चमकते हुए कुण्डल सुशोभित हो रहे है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके भुजाओ और कमर पर कंगन चमक रहे है।
मै भगवान की आराधना करता हूँ जिनके श्याम वर्ण शरीर पर छोटी छोटी घंटिया मधुर ध्वनि कर रही है ।। 8।।

जो भी अचुत्याष्टकम का पाठ करता है उस पर ईश्वर की कृपा होती है।
और देवीय कृपा के सहारे प्रतिदिन शक्तिशाली की आराधना करता हूँ।
यह मंत्र अचुत्याष्टकम भगवान के सुन्दर नाम और उनके गुणों से भरा हुआ है।
हरी की इक्छा से बहुत जल्दी और हरी के नाम से हरी का निवास स्थान प्राप्त होता है।।9।।

Achyutam Keshavam Rama Narayanam Meaning In English

I Salute You O Acyuta (the Infallible One), I Salute You O Keshava (Who nominates and Controls everyone, Who has beautiful Hair and Who killed the demon Keshi), I Salute You O Rama the Incarnation of Narayana (Who is without any blemish),
I Salute You O Krishna (Who attracts others by His Divine Attributes and Beauty) Who is known as Damodara (Who was tied by Mother Yashoda around the waist) , I Salute You O Vasudeva (Son of Vasudeva), I Salute You O Hari (Who takes away the Sins, Who Receives the Offerings of the Yajna),
I Salute You O Sridhara (Who Bears Sri on His Chest), I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi), I Salute You Who was the Most Beloved of the Gopikas (the Cowherd Girls of Vrindavana) and
I Salute You O Ramachandra the Lord of Janaki. ||1||

I Salute You O Acyuta (the Infallible One), I Salute You O Keshava (Who nominates and Controls everyone, Who has beautiful Hair and Who killed the demon Keshi), I Salute You Who was the Lord of Satyabhama,
I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi), I Salute You O Sridhara (Who Bears Sri on His Chest), I Salute You Who was Worshipped by Radhika,
I Salute You Who is the Temple of Indira (i.e. the Sacred Abiding Place of Devi Mahalakshmi in His Heart), I Salute You Who has a Beautiful Splendour,
I Salute You Who is the Son of Devaki and I Salute You Who became the Son of Nanda by being Given to him. ||2||

I Salute You Who is Vishnu (the All-Pervading One), I Salute You Who is Jishnu (the ever Victorious One), I Salute You Who holds the Sankha (the Conch-Shell), I Salute You O holds the Chakra (the Discus),
I Salute You Who is Extremely Dear to Rukmini, I Salute You Who had Janaki as His Wife,
I Salute You Who was Worshipped by the Beloved Cowherd Girls in their Hearts,
I Salute You Who Destroyed Kamsa and I Salute You Who Played the Flute. ||3||

I Salute You O Krishna the Incarnation of Govinda (Who can be known through Vedas), I Salute You O Rama the Incarnation of Narayana (Who is without any blemish),
I Salute You O Sripati (the Consort of Sri), I Salute You O Vasudeva (Son of Vasudeva) the Unconquerable One, I Salute You O Srinidhi (the Storehouse of Sri),
I Salute You O Acyuta (Who is Infallible) the Endless One, I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi) the Incarnation of Adhokshaja (Who can be known only through Agamas),
I Salute You O Lord of Dwaraka and I Salute You Who Saved Draupadi. ||4||

I Salute You Who Agitated the Rakshasas (as Sri Rama), I Salute You Who is Adorned by Devi Sita at His side,
I Salute You Who was the Cause of Purification of the Land of Dandakaranya,
I Salute You Who was Attended by Lakshmana, I Salute You Who was Served by the Vanaras (Monkeys) and
I Salute You Who was Worshipped by sage Agastya; O Raghava please Protect Me. ||5||

I Salute You (the Player of the Flute) Who Thwarted the Enmity and Attacks of demons Dhenuka and Aristaka (sent by Kamsa),and also Kesi and Kamsa,
I Salute You Who Played Soulful Tunes on His Flute and
I Salute You (the Balagopala) Who Thwarted the Anger of Putana who Played as Born of Deva (i.e. assumed the form of a Devi to kill child Krishna),
I Salute You O Balagopala, please Protect Me Always (by thwarting my dangers as You thwarted the attacks of the demons). ||6||

I Salute You Whose Garments Flash Like the Rise of Lightning in the Sky,
I Salute You Whose Handsome Form Moves Like the Clouds of the Rainy Season,
I Salute You Whose Chest is Adorned with Vanamala (Garland of Wild Flowers) and
I Salute You Whose Pair of Feet is Beautiful Reddish and Whose Eyes are like Lotus. ||7||

I Salute You Who has Beautiful Locks of Curly Hairs over His Shining Face,
I Salute You Whose Face is Adorned with Gem on the Head and Shining Ear-Rings on the Ears,
I Salute You Whose Arms and Waist are Adorned with Shining Bracelets,
I Salute You Who wear Tiny Bells over His Dark Body which make Pleasing Sounds. ||8||

Rewards of reciting the Hymn

Whoever Recites the Acyutashtakam as an Offering to Ishta (i.e. Acyuta),
With Devotion, Everyday and with Longing for the Purusha (the Supreme Being),
The Acyutashtakam Which Beautifully Encircles the All-Sustaining Being,
Will Quickly reach the Abode of Hari by His Will. ||9||

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