108 Names of Lord Surya : सूर्य भगवान के १०८ नाम
Surya Ashtottara Shatanamavali Stotra
– the hymn of a hundred and eight names –
Ashtottara Shatanam means hundred and eight(Shatanam ) names (nama), and AshtottaraShatanamavali Stotra is a hymn eulogizing the Lord by recounting one hundred of His names. As the various sects of Hindu-tradition (Shaivism, Shaktism and Vaishnavism) grew and spread, it must have become extremely popular to write hymns of a hundred names for the primary Deity of worship. The Surya Sahasranama Stotra. 108 names of Surya, which are collectively known as Ashtottara Shatanamavali of Surya.
|
No
|
Sanskrit Name
|
Name Mantra
|
English Name
|
Meaning
|
|---|---|---|---|---|
|
1.
|
अरुण
|
ॐ अरुणाय नमः।
|
Aruna
|
Reddish Brown
|
|
2.
|
शरण्य
|
ॐ शरण्याय नमः।
|
Sharanya
|
The One Who Provides Refuge
|
|
3.
|
करुणारससिन्धु
|
ॐ करुणारससिन्धवे नमः।
|
Karuna-rasa-sindhu
|
The Ocean of the Sentiment of Compassion
|
|
4.
|
असमानबल
|
ॐ असमानबलाय नमः।
|
Asmanabala
|
The One of Unequalled Strength.
|
|
5.
|
आर्तरक्षक
|
ॐ आर्तरक्षकाय नमः।
|
Arta-rakshaka
|
The Protector from Suffering
|
|
6.
|
आदित्य
|
ॐ आदित्याय नमः।
|
Aditya
|
The Sun or The Son of Aditi
|
|
7.
|
आदिभूत
|
ॐ आदिभूताय नमः।
|
Adibhuta
|
The First Being
|
|
8.
|
अखिलागमवेदिन
|
ॐ अखिलागमवेदिने नमः।
|
Akhila-gamavedin
|
The Knower of All Scriptures
|
|
9.
|
अच्युत
|
ॐ अच्युताय नमः।
|
Achyuta
|
Imperishable, The Steady One
|
|
10.
|
अखिलज्ञ
|
ॐ अखिलज्ञाय नमः।
|
Akhilagya
|
The Knower of Everything
|
|
11.
|
अनन्त
|
ॐ अनन्ताय नमः।
|
Ananta
|
The Unbounded One
|
|
12.
|
इना
|
ॐ इनाय नमः।
|
Ina
|
The Strong One
|
|
13.
|
विश्वरूप
|
ॐ विश्वरूपाय नमः।
|
Vishvarupa
|
The One with an All Pervading Form
|
|
14.
|
इज्य
|
ॐ इज्याय नमः।
|
Ijya
|
The One to be Revered
|
|
15.
|
इन्द्र
|
ॐ इन्द्राय नमः।
|
Indra
|
Leader of the Gods
|
|
16.
|
भानु
|
ॐ भानवे नमः।
|
Bhanu
|
The Bright One
|
|
17.
|
इन्दिरामन्दिराप्त
|
ॐ इन्दिरामन्दिराप्ताय नमः।
|
Indriramandirapta
|
The One Who has Gained the Abode of Indira (Lakshmi)
|
|
18.
|
वन्दनीय
|
ॐ वन्दनीयाय नमः।
|
Vandaniya
|
The Praiseworthy One
|
|
19.
|
ईश
|
ॐ ईशाय नमः।
|
Isha
|
The Lord
|
|
20.
|
सुप्रसन्न
|
ॐ सुप्रसन्नाय नमः।
|
Suprasanna
|
The Very Bright One
|
|
21.
|
सुशील
|
ॐ सुशीलाय नमः।
|
Sushila
|
The Good-Natured One
|
|
22.
|
सुवर्चस्
|
ॐ सुवर्चसे नमः।
|
Suvarchas
|
The Brilliant One
|
|
23.
|
वसुप्रद
|
ॐ वसुप्रदाय नमः।
|
Vasuprada
|
The Bestower of wealth
|
|
24.
|
वसु
|
ॐ वसवे नमः।
|
Vasu
|
The Deva (The Excellent One)
|
|
25.
|
वासुदेव
|
ॐ वासुदेवाय नमः।
|
Vasudeva
|
Shri Krishna
|
|
26.
|
उज्ज्वल
|
ॐ उज्ज्वल नमः।
|
Ujjaval
|
The Blazing One
|
|
27.
|
उग्ररूप
|
ॐ उग्ररूपाय नमः।
|
Ugrarupa
|
The One with a Ferce Form
|
|
28.
|
ऊर्ध्वग
|
ॐ ऊर्ध्वगाय नमः।
|
Urdhvaga
|
The One Who Rises Up
|
|
29.
|
विवस्वत्
|
ॐ विवस्वते नमः।
|
Vivasvat
|
The One Who Shines Forth
|
|
30.
|
उद्यत्किरणजाल
|
ॐ उद्यत्किरणजालाय नमः।
|
Udhatkiranajala
|
The One Who Produces a Lattice of Rising Beams of Light
|
|
31.
|
हृषीकेश
|
ॐ हृषीकेशाय नमः।
|
Hrishikesha
|
Lord of the Senses
|
|
32.
|
ऊर्जस्वल
|
ॐ ऊर्जस्वलाय नमः।
|
Urjasvala
|
The Mighty One
|
|
33.
|
वीर
|
ॐ वीराय नमः।
|
Vira
|
The Brave One
|
|
34.
|
निर्जर
|
ॐ निर्जराय नमः।
|
Nirjara
|
The Imperishable One
|
|
35.
|
जय
|
ॐ जयाय नमः।
|
Jaya
|
The Victorious One
|
|
36.
|
ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी
|
ॐ ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथये नमः।
|
Urudvaya-bhavaroopayukta-sarathi
|
The One Whose Charioteer has a Form without a Pair of Thighs
|
|
37.
|
ऋषिवन्द्य
|
ॐ ऋषिवन्द्याय नमः।
|
Rishivandya
|
The One Worshipped by Rishis
|
|
38.
|
रुग्घन्त्र्
|
ॐ रुग्घन्त्रे नमः।
|
Rugghantr
|
The Destroyer of Disease
|
|
39.
|
ऋक्षचक्रचर
|
ॐ ऋक्षचक्रचराय नमः।
|
Rikshachakrachara
|
The One Who Moves Through the Wheel of Stars
|
|
40.
|
ऋजुस्वभावचित्त
|
ॐ ऋजुस्वभावचित्ताय नमः।
|
Rijusva-bhavachitta
|
The One Whose Mind by Nature is Sincere
|
|
41.
|
नित्यस्तुत्य
|
ॐ नित्यस्तुत्याय नमः।
|
Nityastutya
|
The One Who is Fit to Praised Always
|
|
42.
|
ऋकारमातृकावर्णरूप
|
ॐ ऋकारमातृकावर्णरूपाय नमः।
|
Rikaramatrikavarnarupa
|
The One Who has the Form of the Letter Rikara
|
|
43.
|
उज्ज्वलतेजस्
|
ॐ उज्ज्वलतेजसे नमः।
|
Ujjvalatejas
|
The One with a Blazing Brilliance
|
|
44.
|
ऋक्षाधिनाथमित्र
|
ॐ ऋक्षाधिनाथमित्राय नमः।
|
Rikshadhinathamitra
|
The Friend of the Lord of Stars (the Moon)
|
|
45.
|
पुष्कराक्ष
|
ॐ पुष्कराक्षाय नमः।
|
Pushkaraksha
|
The Lotus-Eyed One
|
|
46.
|
लुप्तदन्त
|
ॐ लुप्तदन्ताय नमः।
|
Luptadanta
|
The One Whose Teeth are Lost
|
|
47.
|
शान्त
|
ॐ शान्ताय नमः।
|
Shanta
|
Pacified, Calm
|
|
48.
|
कान्तिद
|
ॐ कान्तिदाय नमः।
|
Kantida
|
The Bestower of Beauty
|
|
49.
|
घन
|
ॐ घनाय नमः।
|
Ghana
|
The Destroyer
|
|
50.
|
कनत्कनकभूष
|
ॐ कनत्कनकभूषाय नमः।
|
Kanatkanaka-bhusha
|
The Brilliant Golden Ornament
|
|
51.
|
खद्योत
|
ॐ खद्योताय नमः।
|
Khadyota
|
The Light of the Sky
|
|
52.
|
लूनिताखिलदैत्य
|
ॐ लूनिताखिलदैत्याय नमः।
|
Lunitakhila-daitya
|
The Destroyer of All Demons
|
|
53.
|
सत्यानन्दस्वरूपिण्
|
ॐ सत्यानन्दस्वरूपिणे नमः।
|
Satyananda-svarupin
|
The One Whose Nature is True Bliss
|
|
54.
|
अपवर्गप्रद
|
ॐ अपवर्गप्रदाय नमः।
|
Apavarga-prada
|
The Bestower of Liberation
|
|
55.
|
आर्तशरण्य
|
ॐ आर्तशरण्याय नमः।
|
Arta-sharanya
|
The Provider of Shelter to the Distressed
|
|
56.
|
एकाकिन्
|
ॐ एकाकिने नमः।
|
Ekakin
|
The solitary One
|
|
57.
|
भगवत्
|
ॐ भगवते नमः।
|
Bhagavat
|
The Divine One
|
|
58.
|
सृष्टिस्थित्यन्तकारिण्
|
ॐ सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे नमः।
|
Srishti-sthityantakarin
|
The One Who Makes the Creation, Maintenance, and End
|
|
59.
|
गुणात्मन्
|
ॐ गुणात्मने नमः।
|
Gunatman
|
The One with Qualities
|
|
60.
|
घृणिभृत्
|
ॐ घृणिभृते नमः।
|
Ghrinibhrit
|
The One Who Possesses Light
|
|
61.
|
बृहत्
|
ॐ बृहते नमः।
|
Brihat
|
The Great One
|
|
62.
|
ब्रह्मण्
|
ॐ ब्रह्मणे नमः।
|
Brahman
|
The Eternal Brahman
|
|
63.
|
ऐश्वर्यद
|
ॐ ऐश्वर्यदाय नमः।
|
Eshvaryada
|
The Bestower of Power
|
|
64.
|
शर्व
|
ॐ शर्वाय नमः।
|
Sharva
|
The One that Injures
|
|
65.
|
हरिदश्व
|
ॐ हरिदश्वाय नमः।
|
Haridashva
|
The One with Tawny Horses
|
|
66.
|
शौरी
|
ॐ शौरये नमः।
|
Shauri
|
The Heroic One
|
|
67.
|
दशदिक्संप्रकाश
|
ॐ दशदिक्संप्रकाशाय नमः।
|
Dashadiksam-prakasha
|
The One Who Shines in Ten Directions
|
|
68.
|
भक्तवश्य
|
ॐ भक्तवश्याय नमः।
|
Bhakta-vashya
|
The One Who is Attentive to the Devotees
|
|
69.
|
ओजस्कर
|
ॐ ओजस्कराय नमः।
|
Ojaskara
|
The Maker of Power
|
|
70.
|
जयिन्
|
ॐ जयिने नमः।
|
Jayin
|
The victorious One
|
|
71.
|
जगदानन्दहेतु
|
ॐ जगदानन्दहेतवे नमः।
|
Jagadanandahetu
|
The Cause of Joy for the World
|
|
72.
|
जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जित
|
ॐ जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जिताय नमः।
|
Janma-mrityu-jara-vyadhi-varjita
|
The One Who is Free from Birth, Death, Old Age, Suffering, etc
|
|
73.
|
उच्चस्थान समारूढरथस्थ
|
ॐ उच्चस्थान समारूढरथस्थाय नमः।
|
Uchchasthana samarudha-rathastha
|
The One Established in a Chariot that Moves with Lofty Steps
|
|
74.
|
असुरारी
|
ॐ असुरारये नमः।
|
Asurari
|
The Enemy of the Demons
|
|
75.
|
कमनीयकर
|
ॐ कमनीयकराय नमः।
|
Kamaniyakara
|
The Fulfiller of Desires
|
|
76.
|
अब्जवल्लभ
|
ॐ अब्जवल्लभाय नमः।
|
Abjavallabha
|
The Most Beloved of Abja (Dhanvantari)
|
|
77.
|
अन्तर्बहिः प्रकाश
|
ॐ अन्तर्बहिः प्रकाशाय नमः।
|
Antarbahih prakasha
|
The One with Inner and Outer Brilliance
|
|
78.
|
अचिन्त्य
|
ॐ अचिन्त्याय नमः।
|
Achintya
|
The Inconceivable One
|
|
79.
|
आत्मरूपिण्
|
ॐ आत्मरूपिणे नमः।
|
Atmarupin
|
The Form of Atman
|
|
80.
|
अच्युत
|
ॐ अच्युताय नमः।
|
Achyuta
|
The Imperishable One
|
|
81.
|
अमरेश
|
ॐ अमरेशाय नमः।
|
Amaresha
|
The Lord of Immortals
|
|
82.
|
पर ज्योतिष्
|
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः।
|
Para Jyotish
|
The Supreme Light
|
|
83.
|
अहस्कर
|
ॐ अहस्कराय नमः।
|
Ahaskara
|
The Maker of the Day
|
|
84.
|
रवि
|
ॐ रवये नमः।
|
Ravi
|
The One Who Roars
|
|
85.
|
हरि
|
ॐ हरये नमः।
|
Hari
|
The Remover (of Sin)
|
|
86.
|
परमात्मन्
|
ॐ परमात्मने नमः।
|
Paramatman
|
The Supreme Being
|
|
87.
|
तरुण
|
ॐ तरुणाय नमः।
|
Taruna
|
The Youthful One
|
|
88.
|
वरेण्य
|
ॐ वरेण्याय नमः।
|
Varenya
|
The Most Excellent One
|
|
89.
|
ग्रहाणांपति
|
ॐ ग्रहाणांपतये नमः।
|
Grahanam Pati
|
The Lord of Planets
|
|
90.
|
भास्कर
|
ॐ भास्कराय नमः।
|
Bhaskara
|
The Maker of Light
|
|
91.
|
आदिमध्यान्तरहित
|
ॐ आदिमध्यान्तरहिताय नमः।
|
Adimadhyantarahita
|
The One Who is Solitary in the Beginning, Middle, and End
|
|
92.
|
सौख्यप्रद
|
ॐ सौख्यप्रदाय नमः।
|
Saukhyaprada
|
The Bestower of Happiness
|
|
93.
|
सकलजगतांपति
|
ॐ सकलजगतांपतये नमः।
|
Sakalajagatam Pati
|
The Lord of All Worlds
|
|
94.
|
सूर्य
|
ॐ सूर्याय नमः।
|
Surya
|
The Powerful One, or The Brilliant One
|
|
95.
|
कवि
|
ॐ कवये नमः।
|
Kavi
|
The Wise One
|
|
96.
|
नारायण
|
ॐ नारायणाय नमः।
|
Narayana
|
The One Whom Men Approach
|
|
97.
|
परेश
|
ॐ परेशाय नमः।
|
Paresha
|
The Highest Lord
|
|
98.
|
तेजोरूप
|
ॐ तेजोरूपाय नमः।
|
Tejorupa
|
The One with the Form of Fire
|
|
99.
|
हिरण्यगर्भ
|
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
|
Hiranyagarbha
|
The Golden Source (of the Universe)
|
|
100.
|
सम्पत्कर
|
ॐ सम्पत्कराय नमः।
|
Sampatkara
|
The Maker of Success
|
|
101.
|
ऐं इष्टार्थद
|
ॐ ऐं इष्टार्थदाय नमः।
|
Aem Istarthada
|
The Bestower of the Desired Object
|
|
102.
|
अं सुप्रसन्न
|
ॐ अं सुप्रसन्नाय नमः।
|
Am Suprasanna
|
The Very Bright One
|
|
103.
|
श्रीमत्
|
ॐ श्रीमते नमः।
|
Shrimat
|
The Glorious One
|
|
104.
|
श्रेयस्
|
ॐ श्रेयसे नमः।
|
Shreyas
|
The Most Excellent One
|
|
105.
|
सौख्यदायिन्
|
ॐ सौख्यदायिने नमः।
|
Saukhyadayin
|
The Bestower of Enjoyments
|
|
106.
|
दीप्तमूर्ती
|
ॐ दीप्तमूर्तये नमः।
|
Diptamurti
|
The One With a Blazing Form
|
|
107.
|
निखिलागमवेद्य
|
ॐ निखिलागमवेद्याय नमः।
|
Nikhilagamavedya
|
The Knower of All Scriptures
|
|
108.
|
नित्यानन्द
|
ॐ नित्यानन्दाय नमः।
|
Nityananda
|
The One Who is Always Blissful
|
![]()
108 Names of Lord Surya : सूर्य भगवान के १०८ नाम in Sanskrit
सूर्योsर्यमा भगस्त्वष्टा पूषार्क: सविता रवि: ।
गभस्तिमानज: कालो मृत्युर्धाता प्रभाकर: ।।1।।
पृथिव्यापश्च तेजश्च खं वयुश्च परायणम ।
सोमो बृहस्पति: शुक्रो बुधोsड़्गारक एव च ।।2।।
इन्द्रो विश्वस्वान दीप्तांशु: शुचि: शौरि: शनैश्चर: ।
ब्रह्मा विष्णुश्च रुद्रश्च स्कन्दो वरुणो यम: ।।3।।
वैद्युतो जाठरश्चाग्निरैन्धनस्तेजसां पति: ।
धर्मध्वजो वेदकर्ता वेदाड़्गो वेदवाहन: ।।4।।
कृतं तत्र द्वापरश्च कलि: सर्वमलाश्रय: ।
कला काष्ठा मुहूर्ताश्च क्षपा यामस्तया क्षण: ।।5।।
संवत्सरकरोsश्वत्थ: कालचक्रो विभावसु: ।
पुरुष: शाश्वतो योगी व्यक्ताव्यक्त: सनातन: ।।6।।
कालाध्यक्ष: प्रजाध्यक्षो विश्वकर्मा तमोनुद: ।
वरुण सागरोsशुश्च जीमूतो जीवनोsरिहा ।।7।।
भूताश्रयो भूतपति: सर्वलोकनमस्कृत: ।
स्रष्टा संवर्तको वह्रि सर्वलोकनमस्कृत: ।।8।।
अनन्त कपिलो भानु: कामद: सर्वतो मुख: ।
जयो विशालो वरद: सर्वधातुनिषेचिता ।।9।।
मन: सुपर्णो भूतादि: शीघ्रग: प्राणधारक: ।
धन्वन्तरिर्धूमकेतुरादिदेवोsअदिते: सुत: ।।10।।
द्वादशात्मारविन्दाक्ष: पिता माता पितामह: ।
स्वर्गद्वारं प्रजाद्वारं मोक्षद्वारं त्रिविष्टपम ।।11।।
देहकर्ता प्रशान्तात्मा विश्वात्मा विश्वतोमुख: ।
चराचरात्मा सूक्ष्मात्मा मैत्रेय करुणान्वित: ।।12।।
एतद वै कीर्तनीयस्य सूर्यस्यामिततेजस: ।
नामाष्टकशतकं चेदं प्रोक्तमेतत स्वयंभुवा ।।13।।
Common Names of Lord Surya or Sun in Sanskrit
Bhaskar, Ravi, Aditya, surya, mitra, dinkar, bhanve, savitra
Divaakar, Prabhaakar, Sahastraanshu, Vibhaavsu, Dinkrit.
![]()
सूर्य देव के 108 नाम (108 Names of Lord Surya in Hindi)
- अरुण- तांबे जैसे रंग वाला
- शरण्य- शरण देने वाला
- करुणारससिन्धु- करुणा- भावना के महासागर
- असमानबल- असमान बल वाले
- आर्तरक्षक- पीड़ा से रक्षा करने वाले
- आदित्य- अदिति के पुत्र
- आदिभूत- प्रथम जीव
- अखिलागमवेदिन- सभी शास्त्रों के ज्ञाता
- अच्युत- जिसता अंत विनाश न हो सके (अविनाशी)
- अखिलज्ञ- सब कुछ का ज्ञान रखने वाले
- अनन्त- जिसकी कोई सीमा नहीं है
- इना- बहुत शक्तिशाली
- विश्वरूप- सभी रूपों में दिखने वाला
- इज्य- परम पूजनीय
- इन्द्र- देवताओं के राजा
- भानु- एक अद्भुत तेज के साथ
- इन्दिरामन्दिराप्त- इंद्र निवास का लाभ पाने वाले
- वन्दनीय- स्तुती करने योग्य
- ईश- इश्वर
- सुप्रसन्न- बहुत उज्ज्वल
- सुशील- नेक दिल वाल
- सुवर्चस्- तेजोमय चमक वाले
- वसुप्रद- धन दान करने वाले
- वसु- देव
- वासुदेव- श्री कृष्ण
- उज्ज्वल- धधकता हुआ तेज वाला
- उग्ररूप-क्रोद्ध में रहने वाले
- ऊर्ध्वग- आकार बढ़ाने वाला
- विवस्वत्-चमकता हुआ
- उद्यत्किरणजाल- रोशनी की बढ़ती कड़ियों का एक जाल उत्पन्न करने वाले
- हृषीकेश- इंद्रियों के स्वामी
- ऊर्जस्वल- पराक्रमी
- वीर- (निडर) न डरने वाला
- निर्जर- न बिगड़ने वाला
- जय- जीत हासिल करने वाला
- ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी- बिना जांघों वाले सारथी
- ऋषिवन्द्य- ऋषियों द्वारा पूजे जाने वाले
- रुग्घन्त्र्- रोग के विनाशक
- ऋक्षचक्रचर- सितारों के चक्र के माध्यम से चलने वाले
- ऋजुस्वभावचित्त- प्रकृति की वास्तविक शुद्धता को पहचानने वाले
- नित्यस्तुत्य- प्रशस्त के लिए तैयार रहने वाला
- ऋकारमातृकावर्णरूप- ऋकारा पत्र के आकार वाला
- उज्ज्वलतेजस्- धधकते दीप्ति वाले
- ऋक्षाधिनाथमित्र- तारों के देवता के मित्र
- पुष्कराक्ष- कमल नयन वाले
- लुप्तदन्त- जिनके दांत नहीं हैं
- शान्त- शांत रहने वाले
- कान्तिद- सुंदरता के दाता
- घन- नाश करने वाल
- कनत्कनकभूष- तेजोमय रत्न वाले
- खद्योत- आकाश की रोशनी
- लूनिताखिलदैत्य- असुरों का नाश करने वाला
- सत्यानन्दस्वरूपिण्- परमानंद प्रकृति वाले
- अपवर्गप्रद- मुक्ति के दाता
- आर्तशरण्य- दुखियों को अपने शरण में लेने वाले
- एकाकिन्- त्यागी
- भगवत्- दिव्य शक्ति वाले
- सृष्टिस्थित्यन्तकारिण्- जगत को बनाने वाले, चलाने वाले और उसका अंत करने वाले
- गुणात्मन्- गुणों से परिपूर्ण
- घृणिभृत्- रोशनी को अधिकार में रखने वाले
- बृहत्- बहुत महान
- ब्रह्मण्- अनन्त ब्रह्म वाला
- ऐश्वर्यद- शक्ति के दाता
- शर्व- पीड़ा देने वाला
- हरिदश्वा- गहरे पीले के रंग घोड़े के साथ रहने वाला
- शौरी- वीरता के साथ रहने वाला
- दशदिक्संप्रकाश- दसों दिशाओं में रोशनी देने वाला
- भक्तवश्य- भक्तों के लिए चौकस रहने वाला
- ओजस्कर- शक्ति के निर्माता
- जयिन्- सदा विजयी रहने वाला
- जगदानन्दहेतु- विश्व के लिए उत्साह का कारण बनने वाले
- जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जित- युवा,वृद्धा, बचपन सभी अवस्थाओं से दूर रहने वाले
- उच्चस्थान समारूढरथस्थ- बुलंद इरादों के साथ रथ पर चलने वाले
- असुरारी- राक्षसों के दुश्मन
- कमनीयकर- इच्छाओं को पूर्ण करने वाले
- अब्जवल्लभ- अब्जा के दुलारे
- अन्तर्बहिः प्रकाश- अंदर और बाहर से चमकने वाले
- अचिन्त्य- किसी बात की चिन्ता न करने वाले
- आत्मरूपिण्- आत्मा रूपी
- अच्युत- अविनाशी रूप वाले
- अमरेश- सदा अमर रहने वाले
- परम ज्योतिष्- परम प्रकाश वाले
- अहस्कर- दिन की शुरूआत करने वाले
- रवि- भभकने वाले
- हरि- पाप को हटाने वाले
- परमात्मन्- अद्भुत आत्मा वाले
- तरुण- हमेशा युवा रहने वाले
- वरेण्य- उत्कृष्ट चरित्र वाला
- ग्रहाणांपति- ग्रहों के देवता
- भास्कर- प्रकाश के जन्म दाता
- आदिमध्यान्तरहित- जन्म, मृत्यु, रोग आदि पर विजय पाने वाले
- सौख्यप्रद- खुशी देने वाला
- सकलजगतांपति- संसार के देवता
- सूर्य- शक्तिशाली और तेजस्वी
- कवि- ज्ञानपूर्ण
- नारायण- पुरुष की दृष्टिकोण वाले
- परेश- उच्च देवता
- तेजोरूप- आग जैसे रूप वाले
- हिरण्यगर्भ्- संसार के लिए सोनायुक्त रहने वाले
- सम्पत्कर- सफलता को बनाने वाले
- ऐं इष्टार्थद- मन की इच्छा पूरी करने वाले
- अं सुप्रसन्न- सबसे अधिक प्रसन्न रहने वाले
- श्रीमत्- सदा यशस्वी रहने वाले
- श्रेयस्- उत्कृष्ट स्वभाव वाले
- सौख्यदायिन्- प्रसन्नता के दाता
- दीप्तमूर्ती- सदा चमकदार रहने वाले
- निखिलागमवेद्य- सभी शास्त्रों के दाता
- नित्यानन्द- हमेशा आनंदित रहने वाले
Also Read:
Surya Dev Ji Aarti | Shri Surya Chalisa | Surya Gayatri Mantra | Surya Beej Mantra
Aditya Dwadash Naam Stotram | 12 Names of Lord Surya | 21 Names of Lord Surya | 108 Names Of Lord Surya | 1008 Names Of Lord Surya
108 Names of Navagraha
108 Names of Surya | Chandra | Mangala | Budha | Guru | Shukra | Shani | Rahu | Ketu




